प्यार ना कभी समझ आया 

प्यार ना कभी समझ आया 

उन्होंने फर्माया प्यार
कुछ हमें समझ आया,  कुछ नही,
जताया जो हमने, सोच के प्यार
कुछ उन्हें समझ आया, कुछ नही;

कुछ रह गया उनसे केहते केहते
हम करते रहे इंतजार,
हलकासा जो कुछ कहा हमने
समझा उन्होंने कुछ और;

ना कभी सही समझ आया
काफी कुछ रह गया खयांलो में,
इस प्यार मे कभी गिरते, लडखडाते
उन खयालों में हि सुकून पालिया हमने;

है शिकायत नही मुसाफिर
वैसे तो दिल हमारा भी है बदनाम, के
कभी बिती गलियों से गुजरो तो
किस्से सुनाई देंगे हमारी संगदिली के.

- तेजस कुलकर्णी 'सतेज' 
2022 जून 07 

Comments

  1. #हिंदीकविता #hindikavita #hindipoetry #hindipoem #poetry #poems #kavita #lovepoems #love #mywritings

    ReplyDelete
  2. बहोत खूब....
    असचं काहीसं होत असत ,आणि तेच खरं असतं.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular Posts